URS (Ureterorenoscopy) एक आधुनिक एंडोस्कोपिक प्रक्रिया है जिसका उपयोग यूरेटर (Ureter) और किडनी में मौजूद पथरी (Kidney Stone) की जांच और उपचार के लिए किया जाता है। इसमें शरीर पर कोई बड़ा चीरा नहीं लगाया जाता।
URS क्या है?
URS (Ureterorenoscopy) में एक पतली, लचीली या कठोर दूरबीन (Ureteroscope) को मूत्रमार्ग (Urethra), मूत्राशय (Bladder) और यूरेटर के माध्यम से किडनी तक पहुंचाया जाता है। इसके द्वारा पथरी को देखा जाता है और लेजर (Holmium Laser) की सहायता से छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़कर निकाल दिया जाता है।
URS कब किया जाता है?
- यूरेटर में फंसी हुई पथरी
- किडनी की छोटी या मध्यम आकार की पथरी
- बार-बार होने वाला तेज दर्द
- मूत्र में खून आना
- पथरी के कारण मूत्र का रुकना
- संक्रमण के साथ पथरी
URS के लाभ
- शरीर पर कोई बड़ा चीरा नहीं
- कम दर्द और कम रक्तस्राव
- जल्दी रिकवरी
- अस्पताल में कम समय रुकना
- सामान्य जीवन में शीघ्र वापसी
- सफलता की उच्च दर
प्रक्रिया के बाद
- 1–2 दिन तक हल्का दर्द या पेशाब में जलन हो सकती है।
- कुछ दिनों तक अधिक पानी पिएं।
- डॉक्टर द्वारा दी गई दवाएं समय पर लें।
- यदि स्टेंट (DJ Stent) लगाया गया है, तो निर्धारित समय पर उसे निकलवाएं।
संभावित जोखिम
- हल्का संक्रमण
- पेशाब में कुछ समय तक खून आना
- यूरेटर में सूजन
- दुर्लभ मामलों में यूरेटर को चोट

